अर्नब किस हैसियत से कहते हैं “पूछता है भारत”? रिपब्लिक टीवी पर हाई कोर्ट की सख्ती

खुद को बेबाक पत्रकारिता के सबसे बड़े प्रस्तावक मानने वाले पत्रकार अर्नब गोस्वामी और उनके चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ की मुश्किलें आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकती हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अर्नब के “पूछता है भारत” टैग लाइन पर सवाल खड़े करते हुए पूछा है की आखिर वो किस हैसियत से देश की तरफ से लोगों से सवाल करते हैं।

हाईकोर्ट में किये गए एक जनहित याचिका ने अर्नब गोस्वामी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल जो जनहित याचिका कोर्ट में दायर की गयी थी उसमे यह बात कही गई थी कि “पूछता है भारत” टैगलाइन के जरिये अर्णब गोस्वामी अपने निजी सवाल एवं एजेंडे संबंधितों से पूछते हैं। अधिवक्ता रोहन व्यास द्वारा दायर की गयी याचिका में यह भी कहा गया था की भारत के संविधान में इस तरह की कोई भी स्वंत्रता नहीं दी गई है कि देश की तरफ से कोई व्यक्ति, संस्था किसी से सवाल कर सके।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद रिपब्लिक भारत,चैनल के एम डी अर्णब गोस्वामी, सूचना प्रसारण मंत्रालय, प्रेस काउन्सिल ऑफ इंडिया, ट्राई, न्यूज़ ब्रॉडकास्ट असोसिएशन, न्यूज़ ब्रॉडकास्ट स्टैण्डर्ड अथॉरिटी, इलेक्ट्रॉनिक मिडिया मॉनिटरिंग सेंटर को नोटिस जारी किया है। इन सभी लोगों को जवाब देनेके लिए 6 हफ्ते का वक़्त दिया गया है।

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