जन-दबाव में झारखण्ड सरकार ने दी नदी, तालाब किनारे छठ की इजाज़त; दिल्ली, मुंबई में अभी भी रोक

Hemant Soren’s Government of Jharkhand has reversed his previous decision of not allowing Chhath Puja in Jharkhand near rivers and ponds under public pressure.

Chhath Puja in Jharkhand can now be celebrated near rivers and ponds.

Gaya: हेमंत सोरेन की झारखण्ड सरकार (Hemant Soren, CM of Jharkhand) ने कुछ दिन पहले नदी, तालाब, आदि के किनारे छठ पूजा मनाने पर रोक लगा दिया था। कल हेमन्त सरकार (Hemant Soren Government) द्वारा जारी दिशा निर्देश में पुराने नियमों को बदल दिया है और छठ पूजा व्रतियों को नदी, तालाब पर पूजा की मिली अनुमति दे दी है। 

राज्य को भाजपा यूनिट (BJP Jharkhand) ने इसे जनभावना की जीत बताई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि ये लोक आस्था के महापर्व के श्रद्धालुओं की जीत है। ‘तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति और हेमन्त सरकार की गलत नीतियों के विरुद्ध यह जनता की जीत है।”

श्री प्रकाश ने कांग्रेस-झामुमो की सरकार (Congress-JMM government) पर आरोप लगाया है की सरकार तुष्टिकरण में डूबी हुई है और लगातार जन-विरोधी फैसले ले रही है, जिससे उसे बचना चाहिए। हालांकि यह माना जा रहा है की नदी तालाबों के किनारे लोगों के जमा होने से कोरोना का खतरा बढ़ सकता है।

मुंबई-दिल्ली में अभी भी अनुमति नहीं (Ban on community celebration of Chhath Puja in Delhi and Mumbai)

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मंगलवार को जारी किये आदेश में मुंबई शहर के जलाशयों के किनारे छठ पूजा (Chhath Puja in Mumbai) करने पर रोक लगा दिया है। बीएमसी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि समुद्र तट और नदी किनारे बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने से कोविड-19 के बढ़ने की संभावना है, सामाजिक दूरी का पालन कराने में कठिनाई होगी। इसलिए लोग छठ मनाने नदी या समुद्र किनारे ना जायें।

देश की राजधानी दिल्ली में भी यमुना जी के तट पर, अथवा अन्य जलाशयों में छठ मनाने पर रोक है। दिल्ली सरकार ने 20 नवम्बर (संध्या अर्घ के दिन) को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है।

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