मन की बात: PM Modi का ‘लोकल फॉर वोकल’ के लिए आह्वान; राष्ट्रीय एकता हेतु देशवासियों से की इस वेबसाइट को देखने की अपील

Gaya, Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने दशहरा के अवसर पर अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann ki baat) में देश के लोगों से त्योहारों की खरीदारी करते वक़्त ‘वोकल फॉर लोकल’ (Local for vocal) का मन्त्र याद रखने की अपील की।

25 अक्टूबर के कार्यक्रम में पीएम ने कहा की कोरोना की वजह से इस बार नवरात्रि में मेले और गरबा का आनंद गायब है। देशवाशियों को दुर्गापूजा (Durga Puja) की मुबारकबाद देते हुए मोदी जी ने कहा की विजयादशमी (Vijayadashmi) का त्यौहार असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है जो लोगों के जीवन में प्रोत्साहन का काम करती है।

A website for National Integration, Ek Bharat, Shreshtha Bharat

प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर Gujarat के केवडिया में होने वाले कार्यक्रम के बारे में भी जिक्र किया। इस सन्दर्भ में मैं आपसे एक वेबसाइट — ekbharat.gov.in (एकभारत डॉट गव डॉट इन) देखने का आग्रह करता हूँ। राष्ट्रीय एकता (National Integration) को बढ़ावा देने के लिए बनी इस वेबसाइट में “एक दिलचस्प कार्नर है – आज का वाक्य। इस सेक्शन में हम रोज एक वाक्य को अलग अलग भाषाओँ में बोलना सीख सकते हैं। “

देशवासी इस वेबसाइट (website) पर अपने अपने क्षेत्र/राज्य के खान-पान, अनाज, मसाले आदि के बारे बता सकते हैं। इस प्रयास से न सिर्फ हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत के अतुलनीय खूबसूरती को बढ़ावा दे सकते हैं बल्कि भारतीय एकजुटता को और भी समृद्ध कर सकते हैं। 

PM Modi mentioned Sardar Patel and Shankaracharya in Mann Ki Baat

प्रधानमंत्री मोदी ने आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) का जिक्र करते हुए कहा की उनका जन्म तो केरल (Kerala) में हुआ था लेकिन उन्होंने भारत के चारों दिशाओं में मठों की स्थापना की — उत्तर में बद्रिकाश्रम, पूर्व में पूरी, दक्षिण में श्रृंगेरी और पश्चिम में द्वारका। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में शंकराचार्य हिल (Shankaracharya Hill) भी उन्ही के नाम पर है। 

सरदार वल्लवभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) के बारे में Modi Ji बताते हैं की उनमे एक आदर्शवादी व्यक्ति के सभी गुण मौजूद थे, जो बहुत ही कम लोगों में होती है। वैचारिक गहराई और राजनैतिक विलक्षणता के अलावा उनमे जो राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण का भाव था यही उनके व्यक्तित्व को महान बनाती है।

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