Who is Ranjeet Sharma of Jan Suraaj Party? He is expected to fight Bihar Vidhan Sabha election 2025 from Jaale constituency on Prashan Kishor’s party ticket.

दरभंगा जिले के जाले विधानसभा क्षेत्र में अपने चुनावी प्रचार प्रसार को लेकर यूथ आईकॉन रंजीत शर्मा चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. बिहार विधानसभा की हॉट सीट माने जाने वाली जाले में इस बार बीजेपी के विधायक एवं राज्य सरकार में मंत्री जीवेश कुमार की राह आसान नहीं होने वाली है.
जन सुराज पार्टी के प्रदेश सचिव एवं जाले विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशी रंजीत शर्मा बिहार से दूर दक्षिण के राज्यों में अपना व्यापार स्थापित कर अपनी कर्मठता एवं कौशल का लोहा मनवा चुके हैं. विगत 3 वर्ष पहले शुरू हुए जन सुराज अभियान में शामिल होकर रंजीत शर्मा बिहार बदलाव के लिए जाले विधानसभा क्षेत्र में जन-जन तक जा रहे हैं.
कौन हैं रंजीत शर्मा?

दरभंगा जिले के जाले विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिंहवाड़ा प्रखंड के राजो में जन्मे रंजीत शर्मा का प्रारंभिक जीवन संघर्ष भरा रहा. बिहार में व्याप्त पलायन एवं शिक्षा की बेहतर व्यवस्था नहीं होने की वजह से रंजीत शर्मा को उच्च शिक्षा के लिए पलायन करना पड़ा. रंजीत शर्मा ने जाले के राजो जैसे एक छोटे से गांव से निकलकर बैंगलोर यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी होने के बाद कुछ दिनों तक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रंजीत शर्मा ने खुद की कंपनी शुरू की और आज सैकडों लोगों को रोजगार दे रहे हैं.
साल 2023 में प्रशांत किशोर से प्रभावित होकर रंजीत शर्मा जन सुराज अभियान से जुड़कर मधुबनी एवं दरभंगा जिले की पदयात्रा में शामिल हुए. बेहतर बिहार की परिकल्पना को साकार करने के लिए रंजीत ने राजनीति में आने का फैसला लिया और जन सुराज पार्टी के काम में तन मन और धन से जुड़ गए.
युवा नेता रंजीत शर्मा कहते हैं कि मुझे मेरी मातृभूमि जाले से लगाव है. मैं देश के किसी भी कोने में काम के सिलसिले में भले रहता रहा लेकिन मेरा मन हमेशा जाले में रहा. प्रशांत किशोर जी के विचारों से प्रभावित होकर मैं जन सुराज में अपना कंधा लगा रहा हूँ और जाले को बेहतर जाले बनाने के लिए कार्यरत रहूँगा.
क्या है जाले विधानसभा क्षेत्र का समीकरण?

जाले विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा के जीवेश कुमार विधायक हैं और साथ ही राज्य सरकार में नगर विकास मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. हाल ही नकली दवा मामले में मंत्री जीवेश कुमार काफी चर्चा में थे और विपक्ष उनसे इस्तीफा मांग रहा था. साल 2020 के चुनाव में जीवेश कुमार ने महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. मश्कूर अहमद उस्मानी को लगभग 22 हजार मतों से पराजित किया था.
इस बार के चुनाव में महागठबंधन की ओर से राजद के प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा का नाम चर्चा में है वहीं कांग्रेस की तरफ से मश्कूर उस्मानी दौड़ में हैं. बिहार में 243 सीट पर चुनाव लड़ने का दावा करने वाली प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से रंजीत शर्मा का नाम लगभग तय माना जा रहा है.
बात करें जाले विधानसभा क्षेत्र के जातीय समीकरण कि तो यहां सबसे ज्यादा लगभग 1 लाख मुस्लिम मतदाता हैं तो वहीं 80 हजार अतिपिछड़ा मतदाता शामिल हैं. 30 हजार ब्राह्मण तो वहीं लगभग 15 हजार भूमिहार मतदाता हैं. दलित मतदाताओं की संख्या भी लगभग 50 हजार के आसपास है. जाले विधानसभा सीट में देखना दिलचस्प होगा कि महागठबंधन किसे उम्मीदवार घोषित करती है. इस बार के चुनाव में भाजपा के जीवेश कुमार की राह आसान नहीं होने वाली है.
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