Sunday, February 22
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फिर से सुर्खियों में पेगासस स्पाईवेयर, 40 से ज्यादा पत्रकारों समेत 300 भारतीयों पर जासूसी का आरोप

फिर से सुर्खियों में पेगासस स्पाईवेयर, 40 से ज्यादा पत्रकारों समेत 300 भारतीयों पर जासूसी का आरोप

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Picture : Google भारत में जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस एक बार फिर चर्चा में है. दरअसल द गार्जियन अख़बार ने अपने एक रिपोर्ट के जरिए दावा किया है कि भारत समेत दुनिया की कई सरकारें पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, मंत्रियों और विपक्षी नेताओं समेत कई बड़ी हस्तियों की जासूसी करवा रही हैं. सरकार पर 300 भारतीयों के जासूसी का आरोप है, जिसमें 40 से ज्यादा पत्रकार शामिल हैं। जिसके बाद 'द वायर' समेत कई मीडिया संस्थानों और विपक्षी नेताओं ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया. हालांकि सरकार ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि सरकार पर कुछ लोगों की जासूसी करने का आरोप बेबुनियाद और ग़लत है. संसद में आईटी मंत्री ने इस पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा था कि अनाधिकृत तरीके से सरकारी एजेंसी द्वारा कोई टैपिंग नहीं की जाती है. राष्ट्रीय सुरक्षा या किसी बड़ी वजह के कारण ही तय प्रोटोकॉल ...
सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून के दुरूपयोग पर जताई चिंता, पूछा आज़ादी आंदोलन को कुचलने वाले औपनिवेशिक कानून की क्या अब भी है जरूरत?

सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून के दुरूपयोग पर जताई चिंता, पूछा आज़ादी आंदोलन को कुचलने वाले औपनिवेशिक कानून की क्या अब भी है जरूरत?

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Picture : Twitter सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि महात्मा गांधी, तिलक को चुप कराने के लिए अंग्रेजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले औपनिवेशिक कानून की आजादी के 75 साल बाद भी क्या प्रसांगिकता है. CJI एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजद्रोह कानून के दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जाहिर की है. जिसका सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में इस बात पर जोर दिया कि कानून के दुरूपयोग को रोकने के लिए कुछ पैरामीटर बनाए जा सकते हैं. वहीं केंद्र सरकार ने जुलाई 2019 में राज्यसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा था कि देशद्रोह के अपराध से निपटने वाले IPC के इस प्रावधान को खत्म करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. जिस पर आगे दलील देते हुए सरकार ने कहा था कि राष्ट्रविरोधी, अलगाववादी और आतंकवादी तत्वों का सही तरीके से मुकाब...
पंजाब कांग्रेस में नहीं थम रही है अंतर्कलह, सिद्धू ने की अब ‘आप’ की तारीफ़

पंजाब कांग्रेस में नहीं थम रही है अंतर्कलह, सिद्धू ने की अब ‘आप’ की तारीफ़

Latest News, Politics
जहां एक तरफ़ पंजाब कांग्रेस में जारी अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही है, वहीं दूसरी तरफ़ अब नवजोत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी की तारीफ़ करके पंजाब में जारी सियासी सुगबुगाहट को और बढ़ा दिया है. नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट करते हुए लिखा - हमारी विपक्षी आप ने हमेशा पंजाब के लिए मेरे विजन और काम को मान्यता दी. चाहे 2017 के पहले मेरी ओर से उठाए गए बेअदबी, ड्रग्स, किसानों के मुद्दे, भ्रष्टाचार, बिजली संकट के मुद्दे हों या आज जब मैं पंजाब मॉडल पेश कर रहा हूँ. ये साफ़ है कि वो जानते हैं कि वास्तविकता में पंजाब के लिए कौन संघर्ष कर रहा है. सिद्धू ने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें आप के पंजाब अध्यक्ष भगवंत मान सिद्धू की तारीफ करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वे कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने रोल मॉडल से बड़ा नहीं हो सकता. अगर सिद्धू पार्टी में आते हैं तो वे पहले व्यक्ति होंग...
गया ज़िला का इतिहास क्या है? Gayasur ki kahani & Gaya jila ka itihaas: Vishnupad mandir history

गया ज़िला का इतिहास क्या है? Gayasur ki kahani & Gaya jila ka itihaas: Vishnupad mandir history

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What is the history of Gaya district? Kya hai Bihar ke Gaya jila ka itihaas? Gayasur kaise bana Bhagwan Vishnu ji ka bhakt? Gaya kyon famous hai? Jaaniye Vishnupad mandir ka itihas. Vishnupad Temple History of Gaya jila ka itihaas. प्राचीन काल में जब राक्षस लोग तपस्या करने लगते थे देवताओं की तो मानो शामत ही आ जाती थी। वायु पुराण में भी एक ऐसी ही कथा का वर्णन है। एक बार एक बड़ा ही भयानक राक्षस भगवान विष्णु की तपस्या करने लगा। उसकी तपस्या में ऐसी शक्तियाँ थीं कि देवताओं को कष्ट होने लगा। सभी देवता भगवान शिव और ब्रह्मा के नेतृत्व में विष्णु जी के पास गए। देवताओं के कहने पर विष्णु सहमत हो गए और पहुंच गए कोलाहल पर्वत पर जहाँ वो राक्षस कई दिनों से सांस रोके तप कर रहा था। भगवान नारायण ने कहा, "आंखें खोलो वत्स, मैं तुम्हारी तपस्या से प्रसन्न हुआ।" भगवान ने कोई एक वरदान स्वीकार करने का व...
तेज प्रताप यादव बने बिजनेसमैन; RJD प्रदेश अध्यक्ष को दिखा दी बाहर की राह

तेज प्रताप यादव बने बिजनेसमैन; RJD प्रदेश अध्यक्ष को दिखा दी बाहर की राह

Bihar, Business, Latest News
Tej Pratap Yadav, Bihar's former Health Minister has turned out to be a businessman. He has started a business of Agarbatti. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े सुपुत्र तेज प्रताप यादव अक्सर ही सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। उनको हमेशा ही कुछ अलग और नया करने के लिए जाना जाता है। कभी वो भगवान कृष्ण की भूमिका में नजर आते हैं तो कभी जिम करते हुए अपनी वीडियो सोशल मीडिया पर डालते हैं। अभी हाल में लालू पुत्र फिर से ख़बरों में हैं। वो इस वजह से क्योंकि उन्होंने बिजनेसमैन बनने का फैसला किया है। उन्होंने अगरबत्‍ती का कारोबार शुरू किया है। गुरुवार को बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने L R नाम से अगरबत्ती ब्रांड लॉन्च किया है। बकौल तेजप्रताप, उनका अगरबत्ती केमिकल फ्री है। इसे बनाने में किसी तरह के रसायन का नहीं बल्कि सिर्फ फूलों का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का पूरा नाम है ल...
सीएम योगी ने किया उत्तर प्रदेश जनसंख्या नीति का ऐलान

सीएम योगी ने किया उत्तर प्रदेश जनसंख्या नीति का ऐलान

Latest News, India, Uttar Pradesh
The Yogi Adityanath government of Uttar Pradesh has come up with Two-child policy to keep the population in the state in check. The Ganga Times, Uttar Pradesh: हिंदुस्तान के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से एक बहुत ही बड़ी खबर आ रही है। सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण क़ानून लाने का मन बना लिया है। इस बिल का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और राज्य विधि आयोग द्वारा जल्द ही इसे अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद ये बिल राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। आज विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नयी जनसंख्या नीति 2021-30 जारी किया। इसके तहत जिनके पास दो से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें न तो सरकारी नौकरी मिल पाएगी और न ही चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। ख़ास बात यह है कि इस ड्राफ्ट को तैयार करने का सरकारी आदेश नहीं था, इसे राज्य विधि आयोग ने खुद ही तैयार किया है। ...
ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार, जिन्होंने अपनी अदाकारी से सबका दिल जीता

ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार, जिन्होंने अपनी अदाकारी से सबका दिल जीता

Entertainment, Latest News
भारतीय सिनेमा में अपनी अदाकारी से सभी को रुला देने वाले ‘‘ट्रेजडी किंग” के नाम से मशहूर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार 98 वर्ष की आयु में बुधवार 07 जुलाई को दुनिया से अलविदा कह गए। उन्होंने मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। दिलीप कुमार की तबियत लंबे समय से खराब चल रही थी।हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई बेहतरीन कलाकार आए और चले गए। परंतु दिलीप कुमार जैसे एक कलाकार ऐसे भी आए जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री का चेहरा बदल दिया। दिलीप कुमार की अदाकारी से अभिनय की नई परिभाषा का जन्म हुआ। इस महान शख्सियत ने यह साबित कर दिया की “सुपरस्टार” भी किसी को कहा जा सकता है।दादासाहेब फालके अवॉर्ड” से सम्मानित दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। उनके बचपन का नाम 'मोहम्मद युसूफ खान था। उनके पिता का नाम लाला गुलाम सरवर था जो फल बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाते थे...
केरल में शराब की दुकान के बाहर कपल ने रचाई शादी। जानिये क्यों?

केरल में शराब की दुकान के बाहर कपल ने रचाई शादी। जानिये क्यों?

India, Latest News
Courtesy: AajTak The Ganga Times, Keralaदक्षिण भारत के केरल राज्य के कलीकट शहर में एक अजीब नजारा देखने को मिला जब यहाँ एक शराब की दुकान के सामने एक कपल ने शादी कर ली। ऐसा नहीं है कि शादी के वक़्त वहां पे लोग नहीं थे। सड़क पर अच्छी खासी भीड़ थी और दुकान में कई लोग खराब भी खरीद रहे थे। शहर के मिनी बाईपास रोड पर हुए इस शादी को देखने के लिए सैंकड़ों लोगों की भीड़ लग गई। अब आप सोच रहे होंगे कि कपल की ऐसी क्या मजबूरी रही होगी जो उन्हें शराब की दुकान के बाहर शादी करने की जरूरत पड़ गई? दरअसल ये शादी असली नहीं बल्कि प्रतीकात्मक थी। ऐसा उन्होंने सरकार के एक नियम के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए किया था। बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से राज्य में कई तरह की पाबंदियां लागू हैं जिसमें से शादी में 50 से ज्यादा लोगों के शामिल न होना भी है। शादी विवाह से जुड़े बिजनेस ठप्प हो चुके हैं। इसी...
गोरखालैंड आंदोलन के खुनी इतिहास दोहराने की साजिश? Gorkhaland Andolan kya hai

गोरखालैंड आंदोलन के खुनी इतिहास दोहराने की साजिश? Gorkhaland Andolan kya hai

India, Latest News
46 साल के अमीश पांडा दार्जिलिंग (Darjeeling) में फलों की दुकान चलाते हैं। उन्होंने अपनी जवानी राजनीतिक उथलपुथल और हिंसा के बीच बिताया है। अमीश कहते हैं कि जिस तरह का उत्पात हमने 80 और 90 के दशक में देखा था वो पिछले कई वर्षों से शांत था। लेकिन उन गड़े मुर्दों को फिर से उखाड़कर हम शायद एक और बार उसी दौर की ओर कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं। हम यहाँ जिस दौर का जिक्र कर रहे हैं वो गोरखालैंड आंदोलन (Gorkhaland Andolan) से जुड़ा हुआ है। इस आंदोलन की आग में अमीश के जैसे ही न जाने कितने नौजवानों की जिंदगी तबाह हो गई थी। अब आप सोच रहे होंगे कि वर्षों पहले मरा हुआ ये आंदोलन आज फिर से खबरों में क्यों है? क्योंकि पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी के दो सांसदों ने उत्तरी बंगाल (North Bengal) को अलग राज्य बनाने की मांग फिर से छेड़ दी है। माना जा रहा है कि ऐसे मांगों को हवा देने से बंगाल में अलगा...