Tuesday, May 21
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Author: Amitesh Kumar

मानवता का भविष्य क्या होगा? Future of Humanity according to BR Ambedkar

मानवता का भविष्य क्या होगा? Future of Humanity according to BR Ambedkar

Latest News, Opinion
अगड़े वर्ग के युवा आजकल अम्बेडकर को गरियाते फिरते हैं। और यह भारत में ही हो सकता था। इतिहास से हम कब के भागने लगे थे। उदारीकरण के बाद ये और तेजी से हुआ और ह्यूमैनिटीज के विषयों को हमने कूड़ा समझकर किनारे कर दिया। इसी का फायदा ले एक नए वर्ग का जन्म हुआ "कुंजी इतिहासकार"। Future of Humanity according to BR Ambedkar डॉ अम्बेडकर की " एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट" (Annihilation of Caste) पढ़ते हुए यह ख्याल आया की 1936 में लिखी गई ये किताब आज कितनी प्रासंगिक रह गई है? इस किताब में लिखी गई तमाम बातों से हमारा समाज कितना अलग हो पाया है? मैं जाति सुधारों को एकदम नकार नहीं सकता, यह अम्बेडकर और उनके जैसे महापुरुषों की पुरुषार्थ पर सवाल होगा। लेकिन, हमारा समाज( अगड़ी जातियां) इस सुधार का कितना श्रेय ले सकती हैं, इसका पड़ताल जरूरी हो जाता है। क्या अगड़ी जातियों को अपने सामाजिक और राजनीतिक सत्ता में पि...
तथ्य की कसौटी पर प्रधानमंत्री मोदी की बातें कितनी खरी? PM Modi Speech Highlights

तथ्य की कसौटी पर प्रधानमंत्री मोदी की बातें कितनी खरी? PM Modi Speech Highlights

India, Latest News
यह लेख भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन को तथ्यों की कसौटी पर परखता है। पाठकों की सुविधा के लिए भाषण में कहे गए बातों का समय अंकित किया गया है। लेख में मोदी द्वारा कही गई बातें शब्दशः नही है। हालांकि, मूल भावार्थ में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पत्रकारिता के शुरुआती दिनों में ही हम बताया गया था "जो कहा गया वो PR, जो छुपाया गया वो REPORT। चूँकि ये शुरुआती दिनों में बताया जाता है इसलिए बहुत से पत्रकार इसे भूल जाते हैं। खैर, रहने दीजिये। हम आगे बढ़ते हैं। प्रधानमंत्री का संबोधन लगभग 32 मिनट तक चला। उन्होंने शुरुआत कोरोना से पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए किया। हालांकि, मुझे उनकी सहानुभूति झूठी लगी। वे अगर जरा भी संवेदनशील होते तो 22 अप्रैल, 2021 को अपनी रैली में लाखों की भीड़ देख कर खुश नहीं हो रहे होते। भीड़ में उन्हें लोग नही बल्कि ...
कुछ तो गड़बड़ चल रहा है Bihar NDA में! आखिर क्यों नहीं हो पा रही कैबिनेट बैठक?

कुछ तो गड़बड़ चल रहा है Bihar NDA में! आखिर क्यों नहीं हो पा रही कैबिनेट बैठक?

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All is not well in Bihar NDA, it seems. There has been no cabinet meeting even after 3 weeks of Bihar assembly election results. Bihar Chief Minister Nitish Kumar and Deputy Chief Minister Tar Kishore Prasad. (Courtesy: PTI) The Ganga Times, Gaya: चुनावी नतीजों के आने के साथ ही बिहार एनडीए (Bihar NDA) में खींचतान कि अटकलें लगाई जाने लगी थी, जो अब सामने आने लगी है। नीतीश कुमार की सरकार बनाने को 3 हफ्ते हो चुके हैं लेकिन अभी तक बिहार में कैबिनेट (Bihar NDA Cabinet) की एक बैठक तक नहीं हुई है। अगर कोरोना काल को छोड़ दें तो अब तक ऐसा दौर बिहार की राजनीती (Bihar Politics) में नहीं आया है जब सरकार गठन के इतने दिन बाद भी कैबिनेट की बैठक नहीं हुई हो। माना यह जा रहा है कि चुनावी नतीजों में बड़ा भाई बनने के बाद अब भाजपा कैबिनेट (BJP Cabinet) में भी बड़ा भाई बनने की चाह रखती है। सूत्रों की म...
आख़िर क्या है 1991 का वह मामला जिसे सुनते ही भड़के नीतीश कुमार?

आख़िर क्या है 1991 का वह मामला जिसे सुनते ही भड़के नीतीश कुमार?

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Yesterday, in the Bihar Vidhan Sabha, Tejashwi Yadav had accused Nitish Kumar of being a part of the 1991 murder case. The Ganga Times, Gaya: कल शुक्रवार को तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा (Bihar Vidhan Sabha) में नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) पर तीखा टिपण्णी के दौरान 1991 की घटना का जिक्र किया था। कई लोगों को इस घटना के बारे में काम ही पता है या नहीं ही पता है। आइये आज चर्चा करते हैं उसी 1991 की हत्याकांड के बारे में और जानते हैं नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) का इससे क्या संबंध है। 16 नवंबर 1991, पटना जिला , थाना पंडारकइसी दिन बाढ़ क्षेत्र में मध्यावधि चुनाव के दौरान शिक्षक सीताराम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी घटना में नीतीश कुमार समेत पांच अन्य लोग नामजद थें। 2009 में मृतक के रिश्तेदार अशोक सिंह ने बाढ़ के एसीजेएम के समक्ष नीतीश के खिलाफ मामला चलाने का...
गाँधी, गोडसे और हत्या: यथार्थ की जद में

गाँधी, गोडसे और हत्या: यथार्थ की जद में

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गांधी की हत्या के सम्बन्ध में नाथूराम गोडसे ने कोर्ट में कई तर्कों के साथ रखा था अपना पक्ष। उन सभी तर्कों का यथार्थ से कितना वास्ता है? सच और झूठ में एक बुनियादी फर्क है। झूठ कल्पनाओं का परिणाम है, इसीलिए वह रोमांचित करता है। सच चूँकि तथ्य होता है इसलिए नीरसता और उब पैदा करता है। झूठ के आकर्षण को देखते हुए वॉट्सएप युग से भी बहुत पहले मार्क ट्वैन (Mark Twain) ने झूठ के तारीफ़ में कहा था, "जब तक सच अपना जूता पहनता है, झूठ पूरी दुनिया की परिक्रमा कर आता है।" झूठ के इस सच्चे तारीफ़ से आप झूठ की हैसियत का अंदाज़ा लगा सकते हैं। लेकिन, झूठ के इस हैसियत को नकारते हुए गांधी ने सत्य को चुना। गांधी का सत्य हमारा सत्य नहीं था। वो नीरस नहीं, सरस था। चलिए एक वाक्या से शुरू करते हैं। उन दिनों गाँधी दूसरे गोलमेज सम्मेलन (2nd Round Table Conference) के लिए लंदन में थे। जब उन्हें किंग जॉर्ज पंचम ...
Bihar Election: चुनाव प्रचार का शोर थमा, अंतिम चरण में 1204 उम्मीदवार ठोकेंगे दावेदारी; 7 नवम्बर को है मतदान

Bihar Election: चुनाव प्रचार का शोर थमा, अंतिम चरण में 1204 उम्मीदवार ठोकेंगे दावेदारी; 7 नवम्बर को है मतदान

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Bihar Election 2020 has reached its last stage. Leaders like Tejashwi Yadav, PM Narendra Modi, CM Nitish Kumar, LJP Chief Chirag Paswan, UP CM Yogi Adityanath, etc. gave their best to appease the voters of Bihar. Third Phase of Bihar Election is scheduled to held on 7 November. (Courtesy: IANS) Gaya, Bihar: बिहार चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण का प्रचार आज शाम 6 बजे से थम जाएगा। अंतिम चरण में 15 जिलों के 78 विधानसभा सीटों पर 1204 उम्मीदवार ताल ठोंक रहे हैं। सूबे के सात जिले इस चरण में शामिल होंगे। पहले दोनों चरणों में हुए शांतिपूर्ण मतदान कोदेखते हुए इस बार भी यही उम्मीद रहेगी।7 districts will vote in the third phase of Bihar Election 2020 इन जिलों में 7 नवंबर को होना है मतदान - पश्चिम चंपारण, पूर्वी चम्पारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सहरसा...